जहां एक तरफ नेता विपक्ष सदन से लेकर विदेश तक अनर्गल बयान देने में माहिर हैं वहीं दूसरी तरफ लोकसभा के नेता सदन देश को उच्च प्रणाली में ले जा रहे हैं इससे हर तरफ से देशवासियों का स्तर बढ़ेगा और भारत में स्टार्टअप प्लान होगा और इससे बेरोजगारी स्तर में कमी होगी और देश हर तरीके से खुद को सशक्त बनाएगा विदेश में लोकसभा के विपक्ष नेता राहुल गांधी अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी से अपने देश के मुद्दों को गलत तरीके से प्रस्तुत कर रहे हैं इससे वैश्विक स्तर पर देश को लेकर विचारों में परिवर्तन हो सकता है मगर सरकार की नीति से उन पर प्रभाव पड़ेगा और लोकसभा के नेता विपक्ष का बयान प्रभावहीन होगा और भारत के संबंध वैश्विक स्तर पर और सशक्त होंगे.