जहां एक ओर भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के सभी देशों को नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, वहीं दूसरी ओर इज़राइल और ईरान के बीच लगभग छह महीनों से जारी युद्ध पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है।
इसका असर वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रहा है, जहां पेट्रोल, डीज़ल, LPG और CNG के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे आम जनमानस की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है और उनके खर्चों में इज़ाफा हो रहा है।