लोको पायलट की होशियारी 50 मीटर तक घसीटता रहा सिलेंडर यह पहला वाक्य नहीं इससे पहले भी कई रेल दुर्घटना हुई मगर जनहानि किसी को नहीं पहुंची 16- 17 अगस्त की रात को साबरमती एक्सप्रेस 22 डब्बे इंजन समेत उतर गए थे ट्रेन के ड्राइवर ने बताया रेलवे ट्रैक पर बोल्डर से ट्रेन टकराई थी उसी के चलते यह हादसा हुआ था इस मामले की जांच अभी चल भी रही है मगर किस्मत अच्छी थी किसी प्रकार की जनहानि नहीं पहुंची मगर ऐसा वाक्य जहां पर पहली बार हुआ की कासगंज रेलवे ट्रैक पर भरे सिलेंडर के साथ थोड़ी दूर पर माचिस की डिब्बी और बारूद भी मिला पूरी तैयारी के साथ बनाया था प्लान मगर हो गया नाकामयाब ट्रेन ड्राइवर ने बचाई कई यात्रियों की जान नहीं तो हो सकता था बड़ा हादसा कालिंदी एक्सप्रेस के लोको पायलट को दूर से ही दिख गया था घर में इस्तेमाल करने वाला घरेलू सिलेंडर रेलवे ट्रैक पर ट्रेन और सिलेंडर की भिड़ंत से सिलेंडर में हुआ धमाका मगर लोको पायलट की होशियारी के बाद भी काफी दूर तकरीबन 50 मीटर तक यह सफर चला स्थिति सामान्य होने के बाद कालिंदी एक्सप्रेस सफलतापूर्वक अपने अगले स्टॉपेज पर पहुंची यूपी पुलिस एसटीएफ और आईबी [ इंटेलिजेंस ब्यूरो] हर पहलू से इस घटनाक्रम को परख रही है और पुलिस ने 14 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया अब पूछताछ की जा रही है
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