जुमले बाज की नीयत से क्या खुद को सलामत रख पाएंगे इतने सारे पैमाने के बाद खुद को बचा पाएंगे मगर सियासी मायने अलग-अलग प्रकार के निकल जा रहे हैं नशा तस्करी और मनी लांड्रिंग का मुद्दा सुर्खियां बटोर रहा है दिल्ली में चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है और केजरीवाल जनता से मुखातिब हो रहे हैं मगर जब तिहाड़ जेल में बंद थे तब दिल्ली की जनता के बारे में नहीं सोच पाए सुप्रीम कोर्ट कि10 लाख की जमानत बांड पर रिहाई मिली उप राज्यपाल अनुमति से ही किसी भी फाइल पर सिग्नेचर कर सकेंगे मगर खुद से किसी भी सरकारी फाइल पर हस्ताक्षर करने की अनुमति नहीं है 75 साल में यह पहली बार हो रहा है कि किस मुख्यमंत्री को इतने बड़े मामले से जूझना पड़ रहा है अपने केस से संबंधित कोई भी चर्चा नहीं कर सकते अब दिल्ली के लोगों में जगह बनाने में पूरी तैयार के साथ लगे हुए हैं उनका कहना है कि जब तक हमें दिल्ली की जनता माफ नहीं करेगी तब तक हम मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे और हम गली-गली जाकर के अपने पक्ष में समर्थन मांगेंगे अगर दिल्ली की जनता को लगता है कि मैं बेकसूर हूं तो वह लोग जरूर मेरा समर्थन करेंगे
Report:-Fatehpursamachar