विजय शंकर मिश्रा -अपर पुलिस अधीक्षक
रिपोर्ट - मानस चतुर्वेदी
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पढ़ने में होनहार एक युवक को घर वाले अफसर बनाना चाहते थे इसके लिए उसका दाखिला एक नामी कोचिंग संस्थान में करवाया गया यहीं पढ़ाई के दौरान आदते ऐसी बिगड़ी कि वह शातिर चोर बन गया और बाकायदा गैंग बना कर बड़ी बड़ी चोरी की घटनाओ को अंजाम देने लगा इसी गिरोह ने फतेहपुर शहर के राधानगर थाना क्षेत्र के जयराम नगर इलाके में स्थित एक सर्राफा की दुकान का शटर काट कर लगभग बारह लाख रूपये के जेवरात चोरी कर डाले पुलिस ने इस मामले में चार शातिर चोरो को गिरफ्तार करने के साथ ही उनके कब्जे लूट का सामान बरामद कर लिया है पकड़े गये चारो अभियुक्तों की उम्र बीस से बाइस साल के बीच बताई जा रही है इन लोगों ने जिस तरीके से पूरी घटना को अंजाम दिया उसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई है
Vo पुलिस की मेज पर रखें गये ये ज़ेवर और गहने उसी सर्राफा की दुकान के के है जिसे शातिर चोरो ने बीती सोलह तारीख की रात में शटर काट कर चुराए थे इस इस वारदात जिन चार युवकों ने अंजाम दिया उसमे बीस साल का आशू उर्फ़ यमराज राहुल मौर्या अजय विश्वकर्मा और राहुल साहू शामिल थे जिसमें से अजय विश्वकर्मा कानपुर में रहकर एक नामी कोचिंग संस्थान में दाखिला लेने के साथ ही आईएस की तैयारी करता था लेकिन महगें शौक पूरे न हो पाने के चलते बाकायदा गैंग बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम देने लगा पुलिस के अनुसार अजय ने पहले यूट्यूब से गैस कटर चलाने का तरीका सीखा और उसके बाद अपने साथियों के साथ मिलकर सोलह तारीख की रात में सर्राफा की दुकान का शटर काटकर लाखों के जेवरात चोरी कर लिया लेकिन बगल की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरो में पूरी वारदात कैद हो गई जिसके बाद पुलिस ने एक एक कर के चारो बदमाशों को उठाया और पूरे मामले का खुलासा हो गया इस मामले में पुलिस अजय के घर से चोरी गए सारे जेवरात जिनकी क़ीमत लगभग बारह लाख रूपये बताये जाते है बरामद कर लिया है
इस मामले में पुलिस ने अगर तत्परता न दिखाई होती तो ये शातिर चोर जेवरातो को ठिकाने लगाने में कामयाब हो जाते
